Tuesday, 25 February 2014

मन के आगे इन्द्रियाँ कार्य करती हैं

देखा ना बीर हनुमान जैसा ।
तीरथ ना देखा प्रयाग जैसा । नाग नहीं कोई शेषनाग जैसा ।
चिन्ह नहीं कोई सुहाग जैसा । तेज नहीं कोई भी आग जैसा । 
जल नहीं कोई गंगाजल जैसा । फूल नहीं कोई कमल जैसा ।
कङुआ ना कोई करेले जैसा । आज नहीं दिन देखा कल जैसा ।
जान लिया मान लिया । सबको पहिचान लिया ।
चन्दा भी देखा और तारे भी देखे । देखा बड़ा आसमान ऐसा ।
माली भी देखा सुमाली भी देखा । पर देखा ना बीर हनुमान जैसा ।
पूरब से सूरज निकलता । नभ लालीमा से लज्जाये ।
लाल जोड़े में जैसे दुल्हनिया । घूंघट में शरमाए ।
अवतारी नहीं कोई राम जैसा । पित्र भक्त नहीं परशुराम जैसा ।
छलिया नहीं घनश्याम जैसा । धाम नहीं विष्णु के धाम जैसा ।
जान लिया मान लिया । सबको पहचान लिया ।
रावण भी देखा अहिरावण भी देखा । पर दानी करण ना महान जैसा ।
धर्मी भी देखे अधर्मी भी देखे । पर देखा न वीर हनुमान जैसा ।
चक्र सुदर्शन को दबाकर । मान तरुण का घटाया ।
युद्ध किया शंकर से भारी । राम से राड़ मचाया ।
व्रत नहीं कोई निराहार जैसा । प्यार नहीं माता के प्यार जैसा ।
शस्त्र नहीं कोई तलवार जैसा । पुत्र नहीं श्रवण कुमार जैसा ।
जान लिया मान लिया । सबको पहचान लिया ।
पण्डे भी देखे इनके झंडे भी देखे । झंडो पे देखा निशान ऐसा ।
अपने भी देखे पराये भी देखे । पर देखा न बीर हनुमान जैसा ।
है ग्यारवे रूद्र बजरंग । जब जन्म पृथ्वी पे पाया ।
बाली अवस्था में रवि को । फल समझकर खाया ।
नारा नहीं सत्यमेव जैसा । देव नहीं कोई महादेव जैसा । 
धर्म नहीं कोई कृष्ण धर्म जैसा । कर्म नहीं कोई सत्कर्म जैसा ।
जान लिया मान लिया । सबको पहचान लिया ।
स्वर भी देखे स्वर वाले भी देखे । पर स्वर ना कोयल की तान जैसा ।
अच्छे भी देखे मवाली भी देखे । देखा न बीर हनुमान जैसा ।
पर देखा ना बीर हनुमान जैसा ।
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है भाव कीमती शब्दों से । शब्दों में नहीं उलझ जाना ।
है ब्रह्म कीमती माया से । माया में नहीं उलझ जाना ।
है आग धुएं से मूल्यवान । शब्दों से व्यक्ति है महान ।

Truth, sincerity, honesty, totality, compassion, service, meditation, these should be the real concerns of morality - because these are things which transform your life, these are things which bring you closer to God.Osho
ALL ARE GODS 
There is one truth . That truth is - ONE
There is one universal truth . That truth is - UNIVERSAL
There is one truth . That  truth is - OUR OWN SELF
There is one truth . That  truth is - NOW, HERE
There is one truth . That - EVERYTHING IS FOREVER
There is one great truth . That  truth is very - GREAT
There is another great truth .That - EVERYTHING IS MEANINGFUL
Then, there is the greatest truth . That - ALL BEING ARE GODS.

मन के विचरने का नाम अविद्या है । जब मन का आत्मा की ओर विचरना होता है । तब अविद्या नष्ट हो जाती है । जैसे राजा के आगे मन्त्री और सिपाही कार्य करते हैं । वैसे ही मन के आगे इन्द्रियाँ कार्य करती हैं । ! बाह्य के विषय पदार्थों की भावना छोड़कर तुम भीतर आत्मा की भावना करो । तब आत्मपद को प्राप्त होगे । जिन पुरुषों ने अन्तःकरण में आत्मा की भावना का यत्न किया है । वे शान्ति को प्राप्त हुए हैं । जो पदार्थ आदि में नहीं होता । वह अन्त में भी नहीं रहता । इससे जो कुछ लगता हैं । वह सब ब्रह्म सत्ता है । उससे कुछ भिन्न नही है । वह कल्पना मात्र है । हमारा निर्विकार आदि अन्त से रहित ब्रह्म तत्त्व है । हम क्यों शोक करते हैं ? अपना पुरुषार्थ करके संसार की भोग वासना को मूल से उखाड़ो । और आत्म पद का अभ्यास करो । तो दृश्य भ्रम मिट जावे ।
There is no future if you don't create it! And whatsoever is going to be tomorrow is going to be your creation. And it has to be done today, now - because out of today, today's womb, tomorrow will be born. Take the responsibility totally on yourselves - that's my message to you. This is my experience: the day I took my whole responsibility on myself, I found the doors of freedom opening to me. They go together.
Everybody wants freedom.Nobody wants responsibility.
You will never have freedom, you will remain a slave. Remember, remaining a slave is also your responsibility. You have chosen it, it has not been forced upon you- Osho

http://www.youtube.com/watch?v=rbdt4aR9nig
http://www.youtube.com/watch?v=kVplAxu79N8
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